ANJANI KUMAR
अरवल
बिहार चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर मंगलवार को कलेर सहित अरवल जिले के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा पूरी तरह बंद रही। बताया गया कि बीते सप्ताह एक सिविल सर्जन के साथ हुई मारपीट, दुर्व्यवहार एवं हिंसात्मक घटना के विरोध में यह निर्णय लिया गयाचिकित्सकों का कहना है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी दोषियों के विरुद्ध अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण पूरे बिहार में एक दिन के लिए ओपीडी सेवा बंद कर विरोध दर्ज कराया गया।
ओपीडी सेवा बंद रहने के कारण इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बड़ी संख्या में मरीज सुबह से ही अस्पताल पहुंचे, लेकिन ओपीडी बंद होने की जानकारी मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें बंद की पूर्व सूचना नहीं थी। दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि इस दौरान अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह चालू रहीं। गंभीर मरीजों का इलाज किया गया तथा जीवन रक्षक दवाओं का वितरण भी नियमित रूप से जारी रहा, ताकि किसी भी मरीज को आपात स्थिति में कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े।चिकित्सकों का कहना है कि अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि चिकित्सक ही सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे तो स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होंगी। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की है।ओपीडी सेवा बंद रहने से दिनभर अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही तो रही, लेकिन सामान्य इलाज नहीं होने के कारण अधिकांश लोगों को बिना उपचार लौटना पड़ा। मरीजों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, ताकि आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न होना पड़े।


