पोता-पोती गंभीर बीमारी से जूझ रहे, प्रशासन से मदद की गुहार।
ANJANI KUMAR
अरवल
जिले के मेहंदिया थाना क्षेत्र के टेरी गांव में लगातार बारिश के कारण जर्जर मकान की दीवार गिरने से गंभीर रूप से घायल हुए 66 वर्षीय भरत सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है, वहीं परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, बीते 21 जुलाई को भरत सिंह अपने घर के बाहर बने पुराने दलान में बैठे हुए थे। लगातार बारिश के कारण दलान की जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई और उसके मलबे में दब जाने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें बाहर निकालकर अरवल सदर अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय सरपंच अमरेंद्र कुमार ने बताया कि उनके सीने, सिर और दाहिने हाथ में गंभीर चोटें आई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एम्स रेफर किया गया, जहां बुधवार देर शाम उनकी मृत्यु हो गई। गुरुवार को अरवल सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।ग्रामीणों के अनुसार भरत सिंह अत्यंत गरीब एवं भूमिहीन परिवार से थे। उनका एक हीं पुत्र जो बेरोजगार हैं, जो गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। भरत सिंह के पोता एवं पोती दोनों पिछले चार-पांच वर्षों से गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और उनका लगातार इलाज चल रहा है। इलाज में लगातार हो रहे खर्च के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई थी। इसी वजह से वे अपने जर्जर मकान की मरम्मत भी नहीं करा सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मकान की मरम्मत हो जाती तो शायद यह हादसा टल सकता था।गांव में घटना के बाद मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि भरत सिंह मेहनतकश और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे तथा परिवार की बदहाल स्थिति को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे।इस संबंध में स्थानीय सरपंच अमरेंद्र कुमार एवं पंचायत के मुखिया पुटु कुशवाह ने जिला प्रशासन से मृतक के आश्रित परिवार को आपदा राहत, पारिवारिक लाभ योजना तथा अन्य सरकारी योजनाओं के तहत शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पहले से बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस परिवार के लिए अब जीवनयापन करना और भी कठिन हो गया है। ऐसे में प्रशासन को मानवीय संवेदना दिखाते हुए हरसंभव सहायता प्रदान करनी चाहिए।


