अंजनी कुमार
पटना
दानापुर. बिहार रेजीमेंट केंद्र में 24वीं राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन का 33वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया. यह दिन उन वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर भी था, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया है. बटालियन की स्थापना 1 अगस्त 1994 को कर्नल उमेद सिंह के कुशल नेतृत्व में की गई थी.स्थापना के पश्चात बटालियन ने तैनाती क्षेत्र में उत्तरदायित्वों को पूर्ण निष्ठा, समर्पण और अनुशासन के साथ कर्तव्यपरायणता, सजगता और उत्कृष्ट कार्य निष्पादन से अपना परचम लहराया.
उग्रवाद-विरोधी अभियानों में इस बहादुर बटालियन के काम की सभी तारीफ करते हैं. इस यूनिट ने जिस भी इलाके में फॉर्मेशन में काम किया.वहां सम्मान हासिल किया.बटालियन के भीतर तैनात वीर बिहारी सैनिकों का उत्साह, जज्बा और राष्ट्रभक्ति सराहनीय है. इन योद्धाओं ने समय-समय पर अपने अदम्य साहस और शौर्य का प्रदर्शन करते हुए न केवल बटालियन बल्कि पूरे बिहार रेजीमेंट का मान बढ़ाया है. इन्हीं वीरता भरे कार्यों के चलते बटालियन को अनेक वीरता पुरस्कारों से नवाजा जा चुका हैं, जिनमें 2013 में थल सेनाध्यक्ष यूनिट प्रशस्ति पत्र, 2000 में जीओसी-इन-सी उत्तरी कमान यूनिट प्रशंसा पत्र, एक कीर्ति चक्र, छह शौर्य चक्र, 28 सेना मेडल और 84 प्रशस्ति पत्र शामिल हैं. बटालियन को ‘सरताज ट्रॉफी’ भी मिली और 2013 में इसे सबसे अच्छी राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन का दर्जा दिया गया.
इस अवसर पर, देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को स्मरण और सम्मान देने के लिए रेजीमेंट स्थित वीर स्मृति स्थल पर एक विशेष श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया.रेजीमेंट के समादेष्टा ब्रिगेडियर राकेश कुमार बोरा ने कर्नल ऑफ द बिहार रेजीमेंट की तरफ से शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. मौके पर रेजीमेंट के दंडपाल लेफ्टिनेंट कर्नल अंकुर कुमार मिश्रा, सूबेदार मेजर नारायण प्रधान, सूबेदार संजय सिंह सहित कई जेसीओ व अन्य पद उपस्थित रहे. सैन्य अधिकारियों, जेसीओ और सैनिकों ने वीर स्मृति स्थल पर हमारे शहीद नायकों की याद में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की. पुष्पांजलि के दौरान सेना के बैंड ने वंदे मातरम और रेजिमेंटल गीत सहित देशभक्ति की धुनें बजाई.


