ANJANI KUMAR
अरवल
अरवल जिले के कलेर प्रखंड सभागार में खनन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता एडीएम रवि चौहान ने की। बैठक में परासी थाना क्षेत्र के कलस्टर संख्या-8 एवं 9 से बालू ढुलाई के लिए प्रस्तावित नए मार्ग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में खनन विभाग के अधिकारियों के अलावा स्थानीय ग्रामीण भी उपस्थित थे। ग्रामीणों ने बालू ढुलाई के लिए बनाए जा रहे नए मार्ग को लेकर अपनी कई समस्याएं और आशंकाएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।
ग्रामीणों ने कहा कि जिस मार्ग से बालू लदे वाहनों के परिचालन की योजना बनाई जा रही है, उसके दोनों तरफ बड़े पैमाने पर धान की खेती होती है। वर्तमान समय में धान की फसल लगी हुई है। ऐसे में भारी वाहनों के आने-जाने से सड़क से उड़ने वाली धूल सीधे खेतों में जाएगी, जिससे फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना है।ग्रामीणों ने यह भी कहा कि बालू ढुलाई के दौरान बड़ी संख्या में ट्रकों के परिचालन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ सकता है। इससे आम लोगों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा तेज गति से चलने वाले वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।ग्रामीणों ने बैठक में मांग रखी कि बालू ढुलाई के कार्य में स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए। साथ ही जिस नई सड़क का निर्माण हुआ है, उसके दोनों तरफ आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था, ब्रिज एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।ग्रामीणों ने कहा कि बालू ढुलाई के लिए मार्ग तय करते समय आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। वाहनों का परिचालन नियमों के अनुसार और सावधानीपूर्वक कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए खनन पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर विचार किया जाएगा। प्रयास रहेगा कि खनन कार्य और आम लोगों की सुविधा के बीच बेहतर तालमेल बनाकर व्यवस्था की जाए।बैठक में कलेर प्रखंड विकास पदाधिकारी सुशील कुमार , अंचलाधिकारी उत्तम राहुल सहित खनन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।


