रक्षाबंधन पर अनोखी पहल : मुखिया ने वृक्षों को बांधी राखी, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
भगवानपुर पंचायत के मुखिया सह पैक्स अध्यक्ष उपेंद्र पांडेय ने ग्रामीणों के साथ मनाया अनूठा रक्षाबंधन, पेड़ों को भाई मानकर रक्षा का दिया संदेश
कैमूर।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जहां बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की, वहीं कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड में इस पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर एक अनोखी मिसाल पेश की गई। भगवानपुर पंचायत के मुखिया सह पैक्स अध्यक्ष उपेंद्र पांडेय ने ग्रामीणों और साथियों के साथ मिलकर वृक्षों को राखी बांधी और हरियाली की रक्षा का संकल्प लिया।
इस अनूठी पहल के माध्यम से उन्होंने समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया कि जिस प्रकार भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है, उसी प्रकार मनुष्य को भी प्रकृति और पेड़-पौधों की रक्षा की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। वृक्षों को रक्षा सूत्र बांधते हुए ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण, अधिक से अधिक पौधारोपण और पेड़ों की देखभाल का संकल्प लिया।
मुखिया उपेंद्र पांडेय ने कहा कि प्रकृति और मानव का रिश्ता बेहद गहरा है। पेड़ हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन, फल, फूल, छाया और पर्यावरण का संतुलन प्रदान करते हैं। इसलिए वृक्षों की रक्षा करना केवल पर्यावरण बचाने का काम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम और रक्षा का पर्व नहीं है, बल्कि इसे समाज और प्रकृति के प्रति अपने दायित्व को याद करने के अवसर के रूप में भी मनाया जा सकता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पेड़ को अपना परिवार का सदस्य मानकर उसकी देखभाल करने लगे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
पौधारोपण के साथ संरक्षण पर भी जोर
इस अवसर पर सार्वजनिक स्थानों और गांव की सीमाओं के आसपास पौधारोपण तथा पेड़ों के संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा भी जरूरी है। इस पहल में स्थानीय ग्रामीणों के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरण प्रेमियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुखिया उपेंद्र पांडेय ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर पर्व और त्योहार को समाजहित तथा जनकल्याण से जोड़कर मनाने की आवश्यकता है। इससे समाज में आपसी भाईचारा बढ़ेगा और युवा पीढ़ी को भी सकारात्मक दिशा मिलेगी। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
सेवा और सामाजिक सरोकार के लिए भी चर्चित हैं उपेंद्र पांडेय
कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों ने मुखिया उपेंद्र पांडेय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वे सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में लगातार सक्रिय रहते हैं। गरीब और असहाय लोगों की सहायता, पौधारोपण तथा ग्रामीणों को सामाजिक कार्यों से जोड़ने की दिशा में उनकी सक्रियता की लोगों ने प्रशंसा की।
ग्रामीणों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण जैसी पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है। इससे न केवल लोगों में पेड़-पौधों के प्रति लगाव बढ़ेगा, बल्कि गांव में आपसी भाईचारा और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी।
मुखिया ने वृक्षों को राखी बांधते हुए कहा कि “आज हम इन वृक्षों को अपना भाई मानकर रक्षा सूत्र बांध रहे हैं। जिस तरह परिवार के सदस्य एक-दूसरे की रक्षा करते हैं, उसी तरह हमें प्रकृति की भी रक्षा करनी चाहिए। आइए, हम सभी मिलकर पेड़ों को बचाने, अधिक से अधिक पौधे लगाने और आने वाली पीढ़ी के लिए हरा-भरा वातावरण तैयार करने का संकल्प लें।”
इस अनोखी पहल की क्षेत्र में चर्चा रही और लोगों ने इसे रक्षाबंधन पर्व को सामाजिक एवं पर्यावरणीय संदेश से जोड़ने वाला सराहनीय कदम बताया।
रक्षा सूत्र बांधने के दौरान भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री अमित सिंह (बड़कू), छोटन सिंह, गौरी शंकर पांडेय, विकास सिंह (छोटकू), धीरज सिंह, सुंदरम शुक्ला (दादा), विक्रांत सिंह, मुन्ना चौधरी, लक्की पांडेय, धर्मेंद्र राम, निम्पु पांडेय, रमेंद्र सिंह, राधाखान सहित दर्जनों ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।


