अंजनी कुमार
अरवल
जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस ने मंगलवार को राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में आयोजित विद्यार्थी सहयोग शिविर का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की स्थिति, गुणवत्ता और संबंधित समस्याओं के समाधान की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध, प्रभावी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े.
निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी ने महाविद्यालय परिसर स्थित छात्रावास, कैंटीन, खेल मैदान, कक्षाओं एवं प्रयोगशालाओं का जायजा लिया. उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, साफ-सफाई, रहने की व्यवस्था तथा शैक्षणिक वातावरण की जानकारी ली. इसके साथ ही प्रयोगशालाओं में उपलब्ध सुविधाओं और व्यावहारिक शिक्षा की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया. उन्होंने विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया.विद्यार्थी सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से उनके निष्पादन की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि केवल आवेदनों का कागजी निष्पादन पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की समस्याओं का वास्तविक समाधान होना चाहिए. इसके लिए संबंधित स्थलों पर आवश्यक जांच करते हुए कार्रवाई की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करना जरूरी है. डीएम ने छात्रावास की व्यवस्था, कैंटीन में भोजन एवं साफ-सफाई तथा खेल मैदान में उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया. उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर आवासीय व्यवस्था, स्वच्छ वातावरण और खेलकूद की सुविधाएं भी आवश्यक हैं. कक्षाओं एवं प्रयोगशालाओं के निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही व्यावहारिक शिक्षा से संबंधित सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की.
जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थी सहयोग शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. साथ ही, यह भी ध्यान रखा जाए कि विद्यार्थियों को उनकी समस्याओं के समाधान के साथ अपेक्षित सुविधाओं का वास्तविक लाभ मिले.
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन विद्यार्थियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण तथा आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. विद्यार्थी सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनना, उनकी आवश्यकताओं को समझना और उनका प्रभावी एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है.


