चाचा को पटना लाने जा रहे थे दोनों युवक, अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी कार; बुढ़ापे का सहारा छिनने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल।
अंजनी कुमार
अरवल
अरवल जिले के कलेर प्रखंड के उसरी गांव के लिए रविवार का दिन बेहद मनहूस साबित हुआ। गांव के दो होनहार युवकों की पालीगंज थाना क्षेत्र के मसौढ़ा स्थित सोन नहर में डूबने से मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। मृतकों की पहचान उसरी गांव निवासी सिंधु कुमार उम्र 25 बर्ष एवं रंजीत कुमार 22 बर्ष के रूप में हुई है।ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों युवक अपने चाचा को पटना लाने के लिए जा रहे थे। बताया जाता है कि उनके चाचा का पटना में ऑपरेशन हुआ था और रविवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्हें घर लाने के लिए दोनों युवक कार से पटना की ओर निकले थे। इसी दौरान मसौढ़ा स्थित सोन नहर के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। बताया जाता है कि कार का शीशा बंद होने के कारण दोनों युवक वाहन के अंदर ही फंस गए।ग्रामीण भारत शर्मा ने बताया कि हादसे के बाद सिंधु कुमार ने अपने घर फोन कर घटना की जानकारी देते हुए बचाने की गुहार लगाई थी। हालांकि, कुछ ही देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण अनहोनी की आशंका से परेशान हो गए। थोड़ी ही देर बाद दोनों युवकों के नहर में डूबने की खबर ने पूरे गांव को झकझोर कर रख जिदिया।
दोनों चचेरे भाइयों में था गहरा प्रेम
ग्रामीणों ने बताया कि सिंधु कुमार और रंजीत कुमार रिश्ते में चचेरे भाई थे। दोनों के पिता भी आपस में चचेरे भाई थे। इसी वजह से दोनों युवकों के बीच बचपन से ही काफी गहरा लगाव था। दोनों अक्सर साथ ही रहते थे और कहीं आना-जाना हो या कोई अन्य काम, अधिकांश समय एक-दूसरे के साथ ही रहते थे। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों के बीच इतना प्रेम था कि गांव में भी उन्हें अक्सर साथ-साथ ही देखा जाता था। एक साथ रहने और हर काम मिल-जुलकर करने वाले दोनों चचेरे भाइयों की एक साथ असमय मौत ने परिवार के साथ-साथ पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
साधारण परिवार के थे दोनों युवक, माता-पिता का छिन गया सहारा।
ग्रामीण भारत शर्मा, जयनंदन शर्मा, वशिष्ठ शर्मा, दिलीप कुमार, आदि ने बताया कि दोनों मृतक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे और अपने माता-पिता के लिए बुढ़ापे का बड़ा सहारा थे। माता-पिता को उम्मीद थी कि बेटे अब युवा हो गए हैं और आगे चलकर परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। असमय दोनों युवकों की मौत ने परिवार की सारी उम्मीदों को एक झटके में तोड़ दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि दोनों युवकों के चले जाने से उनके माता-पिता के बुढ़ापे की लाठी का सहारा छिन गया है। हादसे के बाद से दोनों परिवारों के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल पूरी तरह गमगीन बना हुआ है।
आसपास के गांवों में भी शोक की लहर।
दो युवकों की मौत की खबर कुबरी, चकिया, मेहंदिया, पहलेजा, जयपुर सहित आसपास के दर्जनों गांवों में तेजी से फैल गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतकों के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देते नजर आए। वहीं, काफी संख्या में लोग घटनास्थल पर भी पहुंचे और हादसे की जानकारी लेते रहे।
बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया की गई। दोनों चचेरे भाइयों की एक साथ हुई मौत से उसरी गांव में शोक की लहर है और मृतकों के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।


