छत से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की तार की चपेट में आने से शिक्षक गंभीर।
करंट लगने के बाद छत से नीचे गिरे, सदर अस्पताल में चल रहा इलाज; ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश।
अंजनी कुमार
अरवल
अरवल जिले के कलेर प्रखंड क्षेत्र के निरंजनपुर गांव में सोमवार की शाम बिजली के करंट की चपेट में आने से एक शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल शिक्षक की पहचान निरंजनपुर गांव निवासी पप्पू कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों एवं ग्रामीणों की मदद से उन्हें तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।जिले
मिली जानकारी के अनुसार पप्पू कुमार सोमवार की शाम किसी काम से अपने मकान की छत पर गए थे। इसी दौरान छत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत तार की चपेट में वह किसी तरह आ गए। तार के संपर्क में आते ही उन्हें जोरदार बिजली का झटका लगा और वह गंभीर रूप से झुलसते हुए छत से नीचे गिर पड़े।घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पप्पू कुमार को करंट की चपेट में आया देख आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और तत्काल उन्हें बचाने का प्रयास किया। इसके बाद परिजन एवं ग्रामीण उन्हें लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करंट लगने के कारण उनके शरीर के कई हिस्से बुरी तरह झुलस गए हैं और उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
छत के ठीक ऊपर से गुजर रही है 11 हजार वोल्ट की तार
ग्रामीणों ने बताया कि पप्पू कुमार के मकान की छत के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन गुजर रही है। बताया गया कि विद्युत तार काफी नीचे है और मकान की छत के बेहद करीब से होकर गुजरता है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी वजह से छत पर आने-जाने वाले लोगों के लिए हमेशा खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों के अनुसार इस विद्युत तार को मकान से हटाने अथवा सुरक्षित दूरी पर ले जाने के लिए कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से शिकायत की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार आग्रह करने के बावजूद अब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते विद्युत तार को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाता तो सोमवार को हुई यह गंभीर घटना टाली जा सकती थीघटना के बाद निरंजनपुर गांव में लोगों के बीच बिजली विभाग के प्रति काफी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खुले एवं खतरनाक तरीके से मकानों के ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज बिजली की तार कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। लोगों ने बिजली विभाग से तत्काल इस विद्युत लाइन की जांच कराने और मकान से सुरक्षित दूरी पर तार को स्थानांतरित कराने की मांग की है।ग्रामीणों ने कहा कि पप्पू कुमार के साथ हुई घटना ने एक बार फिर विभाग की लापरवाही पर सवाल खड़ा कर दिया है। यदि समय रहते तार की ऊंचाई और स्थिति को लेकर ध्यान दिया जाता तथा ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई की जाती तो शिक्षक को इस तरह करंट की चपेट में आने से बचाया जा सकता था।
फिलहाल घायल शिक्षक का सदर अस्पताल में इलाज जारी है। घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं तथा ग्रामीण बिजली विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि विभाग को किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय ऐसे संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर विद्युत तारों को सुरक्षित करना चाहिए।


