अंजनी कुमार
अरवल
ग्रामीण गरीबों के ज्वलंत मुद्दों को लेकर स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार से कलेर प्रखंड मुख्यालय में सामूहिक अनशन-सत्याग्रह कार्यक्रम शुरू किया गया। भाकपा माले के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर, महिला एवं पुरुष शामिल हुए। कार्यक्रम में कलेर प्रखंड के करीब 10 नेता एवं कार्यकर्ता दो दिनों तक सामूहिक अनशन पर बैठे ह
कार्यक्रम में जिला सचिव जितेंद्र यादव ने अनशनकारियों को माला पहनाकर सत्याग्रह में बैठाया तथा आंदोलन का जायजा लेते हुए कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया। अनशन पर बैठने वालों में सुरेंद्र प्रसाद, चंद्र प्रभा देवी, गीता देवी, कृष्णा राजवंशी, मो. वाहिद अंसारी सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे। कार्यक्रम को त्यागी जी, चंद्र प्रभा देवी, सुरेंद्र प्रसाद एवं प्रमोद राम समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।
कलेर में अनशन-सत्याग्रह पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक महानंद सिंह ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण गरीबों और मजदूरों के सामने कई तरह की समस्याएं खड़ी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों को बासगीत पर्चा देने में सरकार की ओर से कथित तौर पर टालमटोल किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि जहां गरीब लंबे समय से बसे हुए हैं, उन्हें संबंधित कानून के तहत जमीन का पर्चा दिया जाए।
महानंद सिंह ने कहा कि आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और राशन कार्ड जैसे दस्तावेजों को नागरिकता के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किए जाने से गरीब परिवारों को कई जरूरी प्रमाण पत्र बनवाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने राशन कार्ड से गरीबों के नाम काटे जाने और मनरेगा के तहत मजदूरों के काम के अधिकार को कमजोर किए जाने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के खिलाफ मजदूरों और गरीबों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। वक्ताओं ने 1947 में बने बीपीपीएचटी एक्ट के तहत गरीबों को जहां वे बसे हुए हैं, वहां जमीन का पर्चा देने की मांग की।
जिला सचिव जितेंद्र यादव ने कहा कि यह सामूहिक अनशन ग्रामीण गरीबों के अधिकारों और उनकी मूलभूत समस्याओं को लेकर शुरू किया गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आंदोलन को मजबूत बनाने तथा अधिक से अधिक मजदूरों और गरीब परिवारों को इससे जोड़ने की अपील की।


